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Bihar Police: 482 महिला सिपाहियों को मिलेगा कमांडो प्रशिक्षण, CRPF सेंटर में शुरू हुआ विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार पुलिस की 482 महिला सिपाहियों के लिए बाढ़-मोकामाघाट स्थित CRPF ग्रुप सेंटर में बेसिक और कमांडो प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रशिक्षण में हथियार संचालन और कानून से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।

पटना, 1 सितंबर। बिहार पुलिस की महिला सिपाहियों को अब सामान्य पुलिस प्रशिक्षण के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए भी तैयार किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से बाढ़-मोकामाघाट स्थित CRPF ग्रुप सेंटर में बिहार पुलिस की 482 महिला सिपाहियों के लिए बेसिक और कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सीआरपीएफ बिहार सेक्टर के आईजी राजकुमार ने किया। ट्रेनिंग के दौरान महिला सिपाहियों को हथियार संचालन, शारीरिक दक्षता, कमांडो तकनीक और कानून से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

हथियार संचालन की मिलेगी ट्रेनिंग

प्रशिक्षण के दौरान महिला सिपाहियों को विभिन्न प्रकार के हथियारों के संचालन और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाएगा। इसमें AK-47 समेत स्वचालित हथियारों की ट्रेनिंग भी शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक इसका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां सामान्य पुलिसिंग के साथ तेज और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है।

हथियारों की ट्रेनिंग के साथ प्रशिक्षुओं को हथियारों के सुरक्षित इस्तेमाल, अनुशासन और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने पर भी जोर दिया जाएगा।

कमांडो ट्रेनिंग से बढ़ेगी चुनौती से निपटने की क्षमता

इस विशेष प्रशिक्षण में महिला सिपाहियों को कमांडो तकनीकों से भी प्रशिक्षित किया जाएगा। कठिन परिस्थितियों में शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उनकी क्षमता विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता, रणनीतिक गतिविधियों और परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

इसका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को केवल हथियार चलाने तक सीमित प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम के साथ प्रभावी तरीके से काम करने के लिए तैयार करना है।

कानून की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को कानून से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पुलिसिंग में हथियार और शारीरिक दक्षता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी कानूनी प्रावधानों की समझ होना भी है।

इसलिए प्रशिक्षण के दौरान कानून से संबंधित विषयों को भी शामिल किया गया है, ताकि महिला सिपाही कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया और अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

पहले भी महिला कर्मियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सीआरपीएफ की ओर से बिहार की महिला सुरक्षा बल कर्मियों को इस तरह का प्रशिक्षण पहले भी दिया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले 600 से अधिक बिहार मिलिट्री पुलिस की महिला कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिला कर्मियों को बिहार पुलिस मुख्यालय को सौंप दिया गया था।

अब 482 महिला बिहार पुलिस सिपाहियों को बेसिक और कमांडो प्रशिक्षण दिए जाने से राज्य पुलिस की महिला इकाई में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों की संख्या और बढ़ेगी।

पुलिसिंग में महिला जवानों की भूमिका होगी मजबूत

बिहार में पुलिस बल में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कानून-व्यवस्था से लेकर संवेदनशील मामलों और विशेष अभियानों तक महिला पुलिसकर्मियों की जरूरत महसूस की जाती है।

ऐसे में उन्हें अत्याधुनिक प्रशिक्षण देने से चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के दौरान आत्मविश्वास और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

CRPF ग्रुप सेंटर में चल रहा यह प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिला सिपाहियों को अपनी नियमित पुलिस ड्यूटी में इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण का लक्ष्य सिर्फ हथियार चलाना नहीं

अधिकारियों के मुताबिक आधुनिक पुलिसिंग में सिर्फ हथियार चलाने की क्षमता पर्याप्त नहीं है। किसी भी चुनौती से निपटने के लिए शारीरिक फिटनेस, टीमवर्क, अनुशासन, कानून की जानकारी और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता भी जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए 482 महिला सिपाहियों को बेसिक प्रशिक्षण के साथ कमांडो ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में प्रभावी तरीके से काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।

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बिहार पुलिस में महिला जवानों की भूमिका और विशेष प्रशिक्षण से जुड़ी ताजा खबरें पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar से जुड़े रहें।

महिला पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण देना क्यों जरूरी?

पुलिसिंग की बदलती जरूरतों के बीच महिला पुलिसकर्मियों को केवल पारंपरिक पुलिस प्रशिक्षण तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील ऑपरेशन और आपात परिस्थितियों में महिला जवानों को भी तेजी से निर्णय लेने और टीम के साथ काम करने की जरूरत पड़ती है।

मोकामाघाट में शुरू हुआ प्रशिक्षण इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में देखा जा सकता है। 482 महिला सिपाहियों को हथियार संचालन के साथ कमांडो तकनीक और कानून की जानकारी देना उनके पेशेवर कौशल को व्यापक बनाने की कोशिश है।

हालांकि हथियार प्रशिक्षण के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी का प्रशिक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। किसी भी स्वचालित हथियार का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। इसलिए प्रशिक्षण में अनुशासन और कानूनी समझ पर जोर देना जरूरी है।

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने के साथ उन्हें विशेष प्रशिक्षण मिलने से पुलिस बल की कार्यक्षमता मजबूत हो सकती है। खासकर ऐसी परिस्थितियों में जहां महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी जरूरी होती है, प्रशिक्षित जवान अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

आने वाले समय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल से यह तय होगा कि इसका वास्तविक लाभ बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली में कितना दिखाई देता है।

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